China:5% का विकास दर हासिल करना आसान नहीं, जानें चीन की आर्थव्यवस्था पर नए प्रधानमंत्री कियांग और क्या बोले – China’s New Premier Li Says Achieving 5 Per Cent Gdp Target This Year Not Easy

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चीन के नये प्रधानमंत्री ली कियांग ने सोमवार को कहा कि इस साल सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के पांच प्रतिशत के लक्ष्य को हासिल करना आसान नहीं है। 

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चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के लंबे समय तक सहयोगी रहे ली कियांग ने अपने पहले संवाददाता सम्मेलन में चीनी लोककथाओं का जिक्र करते हुए कठिनाइयों का सामना करने में देश के लचीलेपन का प्रदर्शन किया, लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि अर्थव्यवस्था चुनौतियों का सामना कर रही है।

उन्होंने स्वीकार किया कि चीन के आर्थिक उत्पादन के मौजूदा उच्च आधार पर इस साल के लिए लगभग पांच प्रतिशत के 2023 के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) विकास लक्ष्य को प्राप्त करना कोई आसान काम नहीं है और इसके लिए दोगुने प्रयासों की आवश्यकता है।

जीडीपी के महत्व को तवज्जो नहीं देते हुए उन्होंने कहा कि ज्यादातर लोग हर समय जीडीपी वृद्धि पर नजर नहीं रखते हैं। दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन ने पिछले साल तीन प्रतिशत जीडीपी दर्ज की थी, जो दशकों में सबसे कम है। ली कियांग ने 13 मार्च को अपनी कार्य रिपोर्ट में इस वर्ष के लिए लगभग पांच प्रतिशत का लक्ष्य रखा था, जो हाल के वर्षों में सबसे कम है। ली ने कहा कि लोग रोजमर्रा की जिंदगी में होने वाली चीजों जैसे आवास, रोजगार, आय, शिक्षा, चिकित्सा सेवाओं और पर्यावरण के बारे में अधिक परवाह करते हैं।


उन्होंने कहा, ‘इसलिए, सरकार को हमेशा ऐसी योजना बनानी चाहिए जो लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप हो। उन्होंने सुधार के संकेतों की ओर इशारा करते हुए कहा कि अर्थव्यवस्था ‘तूफान और लहरों से जीतकर उज्जवल भविष्य की ओर बढ़ेगी। पिछले कुछ वर्षों के दौरान निजी क्षेत्र पर कार्रवाई के बारे में चिंताओं के बारे मेंउन्होंने आश्वासन दिया कि चीन में निजी उद्यमों को विकास के लिए बेहतर वातावरण और व्यापक स्थान का आनंद मिलेगा। 

उन्होंने कहा कि चीन के आर्थिक विकास को कई फायदों का समर्थन प्राप्त है जैसे कि इसका विशाल बाजार। कम्युनिस्ट पार्टी के शासन में संस्थानों के लिए शी के कार्यकाल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस दौरान संस्थागत मजबूती महत्वपूर्ण रही है।   ली ने इस वर्ष आर्थिक स्थिरता के महत्व पर जोर दिया। उनका कहना है कि मांग और निवेश को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ सुधार और नवाचार पर और जोखिम को रोकने के लिए मैक्रो इकोनॉमी के लिए कई नीतिगत कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने जन-केंद्रित विकास दर्शन पर जोर देते हुए कहा कि पार्टी और सरकार के काम का अंतिम उद्देश्य लोगों की भलाई के लिए कार्य करना है।

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